जापान के PM का भारत दौरा आज से, उन्हें 500 साल पुरानी मस्जिद लेकर जाएंगे मोदी

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Source: bhaskar.com

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अहमदाबाद. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे आज से दो दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं। अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी उनकी अगवानी करेंगे। आबे की विजिट की दो अहम वजहें हैं। पहली- 2022 तक शुरू होेने वाली अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट का भूमिपूजन। दूसरी- इंडिया-जापान एनुअल समिट। इस समिट में चीन को घेरने के लिए एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर पर चर्चा से लेकर सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन और सी-प्लेन डील पर चर्चा हो सकती है। आबे की विजिट के पहले दिन बुधवार को मोदी उन्हें 500 साल पुरानी मस्जिद ‘सिद्दी सैयद की जाली’ भी लेकर जाएंगे। दोनों की सिक्युरिटी के लिए गुजरात पुलिस के 9000 जवान तैनात किए गए हैं। ऐसा है आबे के दौरे का शेड्यूल…

1) पहला दिन : 13 सितंबर
दोपहर 3:30 बजे : आबे अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद यहीं से 8 किमी लंबा रोड शो निकाला जाएगा। गुजरात बीजेपी यूनिट के प्रेसिडेंट जीतूभाई वाघानी ने बताया-देश में ऐसा पहली बार होगा कि हमारे पीएम किसी दूसरे देश के पीएम के साथ ज्वाइंट रोड शो करेंगे।
शाम 5:45 बजे : मोदी और आबे साबरमती आश्रम पहुंचेंगे।
शाम 6 बजे : दोनों नेता सिद्दी सैयद की जाली पर पहुंचेंगे। ये 500 साल पुरानी मस्जिद है। यहां मार्बल से बने जालीदार रोशनदान और खिड़कियां हैं जो दुनियाभर में मशहूर हैं।
शाम 6:25 बजे : मोदी शिंजाे आबे के सम्मान में अगाशिए हैरिटेज होटल में डिनर देंगे। यहां आबे को गुजराती डिशेस परोसी जाएंगी।
रात 9 बजे : आबे हयात होटल लौट जाएंगे। यहां आबे के सम्मान में जापानी मंदिर के दरवाजे जैसा मॉडल बनाया गया है।
2) दूसरा दिन : 14 सितंबर
– सुबह 9 बजे : मोदी और आबे साबरमती स्टेडियम ग्राउंड में पहुंचेंगे। यहां 11 बजे तक बुलेट ट्रेन के भूमिपूजन का प्रोग्राम चलेगा। दोनों पीएम सिम्युलेटर में बैठकर दिखाएंगे कि बुलेट ट्रेन कैसी होगी।
– सुबह 11:30 बजे : मोदी और आबे दांडी कुटीर संग्रहालय जाएंगे।
– सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे :महात्मा गांधी मंदिर में दोनों नेताओं के बीच समिट होगी। यह जुलाई 2001 में पाकिस्तान के प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ के साथ आगरा में हुई समिट के बाद संभवत: दूसरा मौका होगा जब किसी देश के नेता के साथ दिल्ली से बाहर किसी शहर में समिट होगी। इस समिट के दौरान 5 लाख करोड़ रुपए के करार हो सकते हैं।
– दोपहर 1 बजे : मोदी और आबे की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। दोपहर 1:30 बजे : दोनों नेता डेलिगेशन लेवल के लंच में हिस्सा लेंगे।
– दोपहर 2:30 बजे : भारत-जापान के इंडस्ट्रियलिस्ट्स के साथ इंटरेक्टिव सेशन होगा।
– दोपहर 3:45 बजे :महात्मा गांधी मंदिर में डेलिगेशन लेवल की मुलाकात।
– शाम 4 बजे : मोदी-आबे इंडिया-जापान बिजनेस प्लानिंग पर चर्चा करेंगे। शाम 6:30 बजे : अाबे हयात होटल लौट जाएंगे।
– शाम 6:45 बजे से रात 8:15 बजे : साइंस सिटी में गुजरात के सीएम आबे के सम्मान में डिनर देंगे। रात 9:20 बजे : शिंजो आबे अहमदाबाद से रवाना हो जाएंगे।
क्या है बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट?
– प्रोजेक्ट की कॉस्ट: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कॉस्ट 1.20 लाख करोड़ रुपए है। जापान महज 0.1 इंट्रेस्ट रेट पर 50 साल के लिए करीब 88 हजार करोड़ रुपए का कर्ज दे रहा है। यानी ये बहुत सस्ता कर्ज है। मेक इन इंडिया के तहत देश में 2025 तक सस्ती बुलेट ट्रेनें बनेंगी। इससे इम्पोर्ट का पैसा बचेगा।
– कितनी दूरी, कितनी रफ्तार: यह बुलेट ट्रेन 2022 तक चलाई जानी है। 508 किमी के मुंबई-अहमदाबाद रूट पर बुलेट ट्रेन की मैक्जिमम स्पीड 320 किमी/घंटा होगी। यह 12 स्टेशनों से गुजरकर तीन घंटे में मुंबई से अहमदाबाद पहुंचेगी।
– कैसा होगा रूट:508 किमी में से 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे।
– कितने कोच, कितने पैसेंजर्स:शुरुआत 10 कोच वाली ट्रेन के साथ होगी। इसमें 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। ट्रेन में हर दिन 36,000 पैसेंजर्स सफर करेंगे। यह ट्रेन रोजाना 35 फेरे लगाएगी।
– दोनों देशों की जरूरत: जापान इंडोनेशिया में इसी तरह का प्रोजेक्ट हासिल करना चाहता था, लेकिन वहां यह प्रोजेक्ट चीन को मिल गया। लिहाजा, जापान के लिए मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट अहम है। भारत के लिए यह माना जा रहा है कि बुलेट ट्रेन 160 साल पुरानी भारतीय रेल में नया रिवॉल्यूशन लाएगी।
– कितना किराया: मुंबई-अहमदाबाद के बीच अभी हवाई किराया 3500 से 4000 रुपए के आसपास है। बुलेट ट्रेन में यह किराया 2700 से 3000 रुपए के बीच हो सकता है।
आबे के इस दौरे के और क्या हैं मायने?
1) बिजनेस : दोनों देशों के बीच 5 लाख करोड़ के करार होंगे
– मोदी-आबे के बीच मुलाकात के बाद भारत-जापान के बीच 15 करार होंगे। ये करार 5 लाख करोड़ रुपए के होंगे और डिफेंस, ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्ट जैसे सेक्टर में होंगे। 15 जापानी कंपनियां गुजरात में इन्वेस्ट करेंगी।
– बीते 10 साल से भारत में जापान से फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) छह गुना बढ़ा है। जापान भारत में तीसरा बड़ा इन्वेस्टर है। 2016-17 में जापान का भारत में इन्वेस्टमेंट 4.7 अरब डॉलर था। इसमें से 3.3 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट गुजरात में था। भारत में जापान की 1200 कंपनियां ऑपरेट करती हैं।
2) डिफेंस : जापान से सी-प्लेन खरीदने पर बढ़ेगी बात
– जापान भारत को कम कीमत पर 12 सी-प्लेन बेचना चाहता है। ये इंडियन नेवी के लिए होंगे। ये ऐसे प्लेन होंगे जो समुद्र से उड़ान भर सकेंगे और समुद्र में लैंड कर सकेंगे। इस डील की कीमत 10 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। इस डील पर आगे बात बढ़ सकती है।
3) डिप्लोमैसी : चीन काे रोकने की कोशिश
– इंडियन ओशन रीजन में चीन का दखल बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए जापान को भारत जैसे देशों की जरूरत है। दूसरा, साउथ एशिया में भी चीन का दखल बढ़ रहा है। चीन श्रीलंका में एक बंदरगाह बना रहा है। नेपाल में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट कर रहा है।
– चीन वन बेल्ट, वन रोड प्रोजेक्ट (OBOR) के जरिए कई देशों को जोड़ रहा है। इसके जवाब में जापान एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर (AAGC) पर फोकस कर रहा है। इसमें भी उस भारत की जरूरत है।
– चीन के OBOR के तहत फोकस रोड प्रोजेक्ट्स पर है, वहीं जापान के AAGC में फोकस एग्रीकल्चर, हेल्थ, टेक्नोलॉजी और डिजास्टर मैनेजमेंट पर है।
4) पर्सनल केमिस्ट्री
– विदेश मामलों के एक्सपर्ट रहीस सिंह ने DainikBhaskar.com को बताया, ”शिंजो आबे का स्वागत दिल्ली की बजाय अहमदाबाद में किया जा रहा है। गुजरात मोदी का घर है। ऐसे में वहां आबे का स्वागत कर मोदी उन्हें भारत-जापान के रिश्तों में नजदीकी का अहसास कराना चाहते हैं। मैं इसे ‘टच थैरेपी’ डिप्लोमैसी कहता हूं।”
– बता दें कि इससे पहले मोदी ने जिनपिंग की अगवानी भी अहमदाबाद में की थी। वहीं, पिछली बार मोदी ने आबे की अगवानी बनारस में की थी। मोदी-आबे पिछले तीन साल में 10 बार मुलाकात कर चुके हैं।
5) 2014 जैसा इत्तेफाक
– 2014 में पीएम बनने के बाद मोदी अगर पड़ोसी देशों के अलावा पहली बार किसी बड़े देश गए थे तो वह जापान था। उनके क्योटो से लौटने के बाद मोदी ने अहमदाबाद में अपने जन्मदिन पर चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग की अगवानी की थी।
– ठीक तीन साल बाद भी वैसे ही हालात हैं। इस बार मोदी चीन में ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेकर लौटे हैं और उनके 17 सितंबर को जन्मदिन से चार दिन पहले वे अहमदाबाद में ही जापानी पीएम की अगवानी करेंगे।

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