2500 साल पुराने बौद्ध स्तूप पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी

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Source: navbharattimes.indiatimes.com/

2500 साल पुराने बौद्ध स्तूप पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी

म्यांमार की तीन दिनों की यात्रा के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्तूप माने जाने वाले श्वेडागोन पगोडा के दर्शन करने पहुंचे। म्यांमार की राजधानी यंगून में मौजूद इस बौद्ध मंदिर की कई खासियत हैं। दर्शन के बाद पीएम मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर काली पूजा की, इसके बाद वह अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मजार भी पहुंचे…

बौद्ध धर्म का अहम स्तूप

श्वेडागोन पगोडा को बौद्ध धर्म का सबसे पुराने स्तूपों में से एक माना जाता।
पचीस सौ साल पुराना
श्वेडागोन पगोडा करीब 2500 साल पुराना है।
भगवान बु्द्ध के अवशेष मौजूद
श्वेडागोन पगोडा में भी भगवान बुद्ध के बाल और कई दूसरे पवित्र अवशेष मौजूद हैं।
सोने से सजा है स्तूप
श्वेडागोन पगोडा म्यांमार की राजधानी यंगून में है। यह स्तूप 99 मीटर ऊंचा है और सोने से ढका है।
म्यांमार के लिए बेहद खास है स्तूप
इस पगोडा में हीरे और रूबी भी जड़े हुए हैं।
पीएम ने लगाया बोधी वृक्ष
पीएम मोदी ने पगोडा परिसर में बोधी वृक्ष का पौधा भी लगाया।
संत के अवशेषों को कहा जाता है पगोडा
पगोडा शब्द का इस्तेमाल नेपाल, भारत, वर्मा, इंडोनेशिया, थाइलैंड, चीन, जापान और अन्य पूर्वीय देशों में भगवान बुद्ध या किसी संत के अवशेषों पर निर्मित स्तंभाकृति मंदिरों के लिए किया जाता है।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
श्वेडागोन पगोडा में दर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के शहीदों के समाधिस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कालीबाड़ी मंदिर में की पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यंगून में ही कालाबाड़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
बहादुर शाह जफर की मजार पहुंचे पीएम मोदी
पीएम मोदी यंगून की बहादुर शाह जफर की यंगून स्थित मजार पर भी गए। यहां उन्होंने अंतिम मुगल बादशाह को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी जब 2012 में इस साउथ-ईस्ट एशियाई देश का दौरा किया था, तो वह इस मजार पर गए थे।

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