5 कृष्ण मंदिर:कहीं लॉटरी सिस्टम से स्थापित किए भगवान, कोई बना मायका

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Source: bhaskar.com

14 अगस्त को जन्माष्टमी है। देशभर के श्रीकृष्ण मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं।

5 कृष्ण मंदिर:कहीं लॉटरी सिस्टम से स्थापित किए भगवान, कोई बना मायका

झांसी. 14 अगस्त को जन्माष्टमी है। देशभर के श्रीकृष्ण मंदिर में तैयारियां जोरों पर हैं।आपको कुछ ऐसे श्रीकृष्ण मंदिर के बारे में बताने जा रहा है, जिनकी अलग-अलग मान्यता और स्टोरी हैं।

गोपाल मंदिर
– झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में 100 साल पहले गोपाल मंदिर की स्थापना की गई थी।
– मंदिर के पुजारी केशवेंद्र द्विवेदी के अनुसार, मंदिर भगवान श्रकृष्ण का है। इनके अलावा यहां पशुपतिनाथ और हनुमान जी भी विराजते हैं। अंग्रेजों ने जब झांसी के किले पर कब्जा किया तो गोपाल मंदिर से श्रीकृष्ण की प्रतिमा को
निकालकर किले के पास स्थ‍ित मुरली मनोहर मंदिर में रखवा दिया।
– बाद में गोपाल मंदिर के पुजारियों ने प्रतिमा को अंग्रेज अफसरों से वापस मांगा, लेकिन वापस नहीं मिली। काफी दिनों के संघर्ष के बाद अंग्रेज अफसर ने लॉटरी सिस्टम निकाला और प्रतिमा को पुजारियों को वापस किया।

मुरली मनोहर मंदिर

– मुरली मनोहर मंदिर रानी महल से करीब एक किलोमीटर दूर बड़ा बाजार में स्थित है। इस मंदिर को रानी झांसी के मायके के रूप में जाना जाता है।
– मंदिर के पुजारी बसंत विष्णु बताते हैं, मंदिर में महारानी लक्ष्मीबाई के पिता रहा करते थे। इसलिए मंदिर को रानी झांसी के मायके के रूप में पहचान मिली।
– करीब 10 साल पहले तक इस मंदिर में सावन के महीनें में संगीत की महफिल सजी रहती थी, जिसमें बुंदेलखंड के बड़े-बड़े संगीतकारों का जमावड़ा हुआ करता था।
कुंज बिहारी मंदिर
– कुंज बिहारी मंदिर झांसी के ग्वालियर रोड़ पर स्थित है। इसकी स्थापना 300 साल पहले हुई थी।
– मंदिर के पुजारी महंत राधा मोहन दास महाराज बताते हैं, मंदिर की स्थापना महंत कुंजबिहारी दास महाराज ने की थी। यहां राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है। यहां राधा अष्टमी का आयोजन भी होता है।
– निम्बार्क संप्रदाय का ये मंदिर है, यहां राधा जी को ईष्ट माना जाता है।

बिहारी जी मंदिर

– बिहारी जी का मंदिर झांसी के सदर बाजार थाना क्षेत्र में है। इसकी स्थापना 150 साल पहले हुई थी।
– मंदिर के पुजारी बृजमोहन मिश्र बताते हैं, उनके पूर्वज 160 साल पहले राजस्थान के बहरौड़ कसबे से रोजगार की तलाश में झांसी आए थे। झांसी आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और 150 साल पहले गौरीशंकर मिश्र ने बिहारी जी का मंदिर बनवाया।
– मंदिर में राधा-कृष्ण की भव्य मूर्ति स्थापित है। सदर बाजार क्षेत्र में राधा-कृष्ण का एकमात्र मंदिर है।

इस्कॉन मंदिर

– इस्कॉन मंदिर झांसी के मिनर्वा चौराहे से कुछ दूरी पर है। इसकी स्थापना 2002 में हुई थी।

– मंदिर के पुजारी बृजभूमि दास महाराज बताते हैं, अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) की स्थापना के लिए एक्ट्रेस रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी ने 1996 में जमीन दान की थी। इसके बाद 2002 में इस मंदिर की स्थापना की गई।
– मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है। यहां देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

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