अयोध्या मामले में नया मोड़, मुगलों के वंशज ने विवादित स्थल पर ठोका दावा

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Source: navbharattimes.indiatimes.com

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लखनऊ
अयोध्या मसले के हल को लेकर चल रही सुलह की कोशिशों के बीच एक नया मोड़ आया है। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के बाद अब मुगल बादशाह के वंशज प्रिंस याकूब हबीबउद्दीन तुसी ने विवादित स्थल के मालिकाना हक का दावा ठोका है। उन्होंने शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के हक को खारिज भी किया।

प्रेस से बात करते हुए प्रिंस याकूब हबीब ने सुन्नी वक्फ बोर्ड से खुद को मुतवल्ली(संपत्ति का रक्षक) बनाए जाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा, ‘बाबरी मस्जिद मुगल बादशाह बाबर की थी। मैं मुगलों से हूं, लिहाजा मैं बाबरी मस्जिद का मालिक हूं।’

… तो जाएंगे कोर्ट

उन्होंने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड उन्हें बाबरी मस्जिद का मुतवल्ली नहीं बनाता है तो वह अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि अब सुन्नी वक्फ बोर्ड की इस मामले में कोई भूमिका नहीं रह गई है और न ही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ और सिर्फ मैं ही मालिकाना हक रखता हूं। मुतवल्ली बनने पर आगे की कार्रवाई करूंगा।’

याकूब ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस मामले को उलझा कर रखा है। इन दोनों को और शिया वक्फ बोर्ड को बाबरी मस्जिद मामले में पार्टी बनने का कोई हक नहीं है। प्रिंस ने बताया कि सोमवार को उन्होंने कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण से मुलाकात कर अपनी दावेदारी उनके सामने पेश की। इस पर मंत्री ने उनको वक्फ बोर्ड में प्रार्थना पत्र देने की बात कही है।

बातचीत से मामला सुलझने को मिली हवा
मस्जिद किस जगह पर बनाई जाए के सवाल पर प्रिंस याकूब ने कहा कि यह तो बातचीत का मसला है। इस जवाब ने विवादित मसले को बातचीत से हल करने की सुगबुगाहट को हवा दे दी है। खबर तो यह भी है कि विवादित ढांचे की जगह पर मस्जिद बनवाने पर सहमति नहीं बनती है, तो इस पर भी समझौता होने की उम्मीद है। पत्रकार वार्ता के दौरान ब्राह्मण महासभा के महासचिव अमरनाथ भी मौजूद रहे। इस दौरान अमरनाथ भी बीच-बीच में जवाब दे रहे थे, जिससे समझौते की सुगबुगाहट को हवा मिली है।

रविशंकर की पहल का किया स्वागत
श्रीश्री रविशंकर ने बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि मामले पर मध्यस्थता करने की पेशकश की थी। इस पर प्रिंस ने कहा, ‘इस पहल का हम स्वागत करते हैं। मैंने उनसे मुलाकात की थी। उनकी पहल सराहनीय है।’

दावे पर पेश की डीएनए रिपोर्ट
मुगल वंशज होने का दावा करते हुए याकूब ने अपनी डीएनए रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की। हालांकि, डीएनए रिपोर्ट का मिलान किसके साथ हुआ है और वह सही है या नहीं इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उधर, वर्ष 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद से अब तक विवादित स्थल पर अपना दावा पेश नहीं करने के सवाल पर याकूब ने कोई साफ जवाब नहीं दिया।

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