CM और गवर्नर ने मंहत अवैद्यनाथ को दी श्रद्धांजलि‍, MMMUT के दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा

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Source: bhaskar.com

गोरखपुर में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक श्रद्धांजलि‍ प्रोग्राम हिस्सा लेने के बाद MMMUT पहुंचे।CM और गवर्नर ने मंहत अवैद्यनाथ को दी श्रद्धांजलि‍, MMMUT के दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा

गोरखपुर.यूपी के गोरखपुर में ब्रम्हलीन महंत दिग्विजय नाथ की 48वीं और ब्रम्हलीन महंत अवैद्यनाथ की तृतीय साप्ताहिक पुण्यतिथि समारोह के अंतिम दिन मंदिर में संतों, विशिष्टजनों और छात्र छात्राओं का जमावड़ा रहा। इस अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहें। इसके अलावा एमएमएमयूटी के दिक्षांत समारोह में सीएम और गवर्नर ने हिस्सा लिया। जहां 372 स्टूडेंट्स को उपाधि‍ दी गई।

CM ने क्या कहा…
– समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”एक समय वह भी आया जब आक्रांताओं ने गोरक्षनाथ मंदिर को तहस-नहस कर सीमित क्षेत्र में संकुचित कर दिया था।”
– ”धर्म और राष्ट्र की रक्षा के साथ मंदिर के अस्तित्व को बचाने के लिए ब्रम्हलीन महंत दिग्विजय नाथ ने दृढ़ता के साथ प्रयास किया। उन्होंने ना सिर्फ मंदिर का विस्तार किया और उसे अपने पूर्व रूप में खड़ा किया। बल्कि हिंदुत्व और संस्कृति की रक्षा के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रचार-प्रसार का भी बीड़ा उठाया।”
– ”मेरे गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के प्रयासों को हमनें आगे बढ़ाया और आज मैं कह सकता हूं कि उनके प्रयास का ही फल है कि गोरक्षपीठ शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी तत्पर है। गोरक्षपीठ का गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों की सेवा कर रहा है।”
गर्वनर ने क्या कहा
– राज्यपाल ने कहा, ”जैसे बाबा विश्वनाथ और गंगा मैया के बारे में काशी के लोगों को बताना हास्यास्पद होगा। उसी प्रकार गोरखपुर के लोगों को गोरक्षनाथ मंदिर और यहां के संतों के समर्पण के बारे में बताना भी हास्यास्पद ही है।”
– ”जब अटल बिहारी वाजपेई के समय में वह मुख्य सचेतक से उस समय महंत अवैद्यनाथ का उन्हें सानिध्य प्राप्त होता रहता था।”
– ”संसद में वह सांसद के रूप में समय पर उपस्थित रहते थे और हम सभी को उनका मार्गदर्शन भी प्राप्त होता रहा। राष्ट्र धर्म और संस्कृति के साथ विकास का क्या मतलब है। यह केवल भाषण में नहीं, बल्कि लोगों के वास्तविक जीवन में महंत अवेद्यनाथ ने उतारने का प्रयास किया।”
शंकराचार्य ने क्या कहा
– प्रयाग से पधारे शंकराचार्य महंत वासुदेवानंदाचार्य ने ब्रम्हलीन महंत को याद करते हुए पूरी श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कहा, ”ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि अस्थल पर विवादित ढांचे को ढहाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
– ”खून के आह्वान पर देश के तमाम संतो और हिंदुत्व के मानने वाले लोगों ने अयोध्या में विवादित ढांचे को ढ़हा दिया।”
– इसके पूर्व अयोध्या से पधारे महंत नृत्य गोपालदास में ब्रम्हलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रम्हलीन महंत अवैद्यनाथ को नमन किया। इसके पूर्व अयोध्या से पधारे महंत नृत्य गोपालदास में ब्रम्हलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रम्हलीन महंत अवैद्यनाथ को नमन किया।
एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज के दीक्षांत समारोह में पहुंचे CM
सीएम योगी ने एमएमएम इंजीनियरिंग कॉलेज के दीक्षांत समारोह में 372 छात्र-छात्राओं को उपाध‍ि दी। उन्होंने कहा, ”मैं हृदय से इन छात्र-छात्रों के साथ उनके माता-पिता को बधाई देता हूं। एमएमएम प्रोद्यो‍गिकी विवि हमें गोरखपुर का गर्व कराता है।”
– प्रौद्यौगिकी विवि का अपना स्वर्णिम इतिहास रहा है। बुंदेलखंड का पिछड़ने का कारण वहां की जल समस्या है। क्या हम शोध के द्वारा जल संसाधन को शोध का विषय बना सकते हैं।”
मेधावी 14 स्टूडेंट्स को मिला कुलपति गोल्ड मैडल
– इसके साथ ही विभिन्न परीक्षाओं बीटेक, एमटेक, एमबी, तथा एमसीए की सभी शाखाओं के सर्वश्रेष्ठ 14 स्टूडेंट्स को कुलपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। जबकि सेकंड एवं थर्ड स्थान प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया।
– एमटेक के अलग-अलग विषयों में रोहित पटेल, मुहम्मद सलीम आजाद, ऋतु राय, दुर्गेश प्रसाद मिश्र, पूजा वर्मा, विद्या श्रीवास्तव, आकृति पांडेय, श्रेय कसेरा, निलेश आनंद श्रीवास्तव, सौरभ कुमार पांडेय, रवि शंकर राय और कृति श्रीवास्तव को कुलपति गोल्ड मेडल दिया गया।
– एमबीए की टॉपर अनुमिता अग्रवाल और एमसीए के टॉपर गौरव कुमार कौशल को कुलपति गोल्ड मेडल के साथ ही मेमोरियल गोल्ड मेडल भी दिए गया।
372छात्रों को मिलेगी उपाधि
– सत्र 2014-17 के बीटेक लैटरल एंट्री के स्टूडेंट्स तथा 2015-17 बैच के एमबीए व एमसीए की परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को एवं विभिन्न विषयों पर पीएचडी पूरी करने वाले 372 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई।
– जिसमें बीटेक (लैटरल एंट्री) के 95, एमटेक के 168, एमसीए के 53 तथा एमबीए के 56 स्टूडेंट्स शामिल है। सभी स्टूडेंट्स पंडित मदन मोहन मालवीय के गणावेश में दूसरी बार नजर आए।

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