पुष्कर मेले में विदेशी कपल ऐसे करते हैं एन्जॉय, क्लिक हुईं ये फोटोज

8

Source: bhaskar.com

ग्रामीण व विदेशियों की भीड़ के चलते पुष्कर इन दिनों पूरब-पश्चिम की संस्कृति का संगम स्थल बना।
 पुष्कर मेले में विदेशी कपल ऐसे करते हैं एन्जॉय, क्लिक हुईं ये फोटोज
अजमेर. पुष्कर सरोवर में कार्तिक एकादशी के साथ शुरू हुए पंचतीर्थ स्नान के दूसरे दिन भी तीर्थ नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मेले में बुधवार को साफा बांधो कॉॅम्पिटीशन में विदेशी मेहमानों के लिए खास रहा। इसमें 14 विदेशी कपल ने हिस्सा लिया। इसमें विदेशी महिलाओं ने अपने पति या ब्वॉयफ्रेंड्स के सिर पर राजस्थानी साफा बांधकर तिलक लगाया। कॉम्पिटीशन को देखने के लिए विदेशी टूरिस्ट का स्टेडियम में जमघट लग गया। मुकाबले में जर्मनी से आए ग्रुप ने पहला अौर पौलेंड के कप्ल्स सेंकड पोजीशन पर रहे। तीन विनर कपल्स् को इनाम भी दिया गया।मेला स्टेडियम में शान-ए-मूंछ प्रतियोगिता…
– बुधवार को मेला स्टेडियम में शान ए मूंछ कॉम्पिटीशन आॅर्गनाइज किया गया। इस रोचक मुकाबले में 5 विदेशी टूरिस्ट्स समेत कुल 11 मुछंदरों ने हिस्सा लिया।
– सभी मुछंदरों ने बारी-बारी से उपस्थित दर्शकों व निर्णायकों के सामने अपनी-अपनी मूंछों का प्रदर्शन किया। किसी ने मूंछों के दोनों हाथों से ताव लगाए तो किसी ने 8से10 फीट लंबी मूंछें लहराते हुये मेलार्थियों के सामने प्रदर्शन किया।
– अजमेर के मोहन सिंह उर्फ रावण सरकार ने रावण के अंदाज में ठहाके लगाकर देशी-विदेशी मेहमानों की खूब तालियां बटोरी। प्रतियोगिता में डीडवाना तहसील के जगदीश सिंह चौहान ने बाजी मारी।
– जगदीश की 17 फीट लंबी मूंछें हैं। वे पिछले 27 सालों से अपनी मूंछों को संवार रहे हैं। प्रतिदिन वे एक घंटा मूंछों को संवारने में लगाते हैं। जगदीश कई बार मेले में आकर अपनी मूछों के दम पर पुरस्कार जीत चुके हैं।
– पिछले लगातार दो सालों से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले पाली के राम सिंह दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर अजमेर मोहन सिंह रहे। विजेताओं को नगद राशि से पुरस्कृत किया गया।
क्रिकेट में भी हारे मेहमान
– पुष्कर मेले के दौरान बुधवार की सुबह मेला मैदान में स्थानीय युवकों एवं मेले में आये अलग-अलग देशों के विदेशी पर्यटकों की टीम के बीच लगान क्रिकेट मैच खेला गया। भले ही मेहमान मैच जीत नहीं सके। मगर बालू मिट्टी के धोरों में क्रिकेट खेल कर वे काफी रोमांचित हुये।
– टॉस जीत कर मेहमान टीम ने पहले फिल्डिंग का निर्णय लिया। यह निर्णय ही उनकी हार का कारण बना। पहले बल्लेबाजी करते हुये स्थानीय युवकों टीम ने घरेलू मैदान में चौके व छक्कों की बारिश करते हुये निर्धारित 12 ओवर में 193 रन का स्कोर खड़ा किया।
– वहीं लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरी विदेशी मेहमानों की टीम हालांकि पुष्कर के गेंदबाजों का मुकाबला नहीं कर सकी। लेकिन मैच जीतने के लिये भरसक प्रयास किये। निर्धारित 12 ओवर में मेहमान टीम केवल 8 विकेट खोकर 135 रन ही बना सकी। मेजबान टीम 58 रनों से विजयी हुई।
– विजेता एवं उपविजेता रही टीमों को पर्यटन विभाग के उपनिदेशक संजय जौहरी व पर्यटन अधिकारी प्रद्युम्न सिंह ने प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिंह देकर पुरस्कृत किया। विदेशी खिलाडिय़ों ने कहा कि उनके लिये रेतीले धोरों में क्रिकेट खेलना मुश्किल था। मगर खूब मजा आया।
मेले में हो रहा है पूरब-पश्चिम संस्कृति का संगम
मेले में ग्रामीण व विदेशी पर्यटकों की उमड़ रही भीड़ के चलते पुष्कर इन दिनों पूरब-पश्चिम की संस्कृति का संगम स्थल बना हुआ है। मेला क्षेत्र में विदेशी मेहमानों का तांता लगा हुआ है। पर्यटक पशुओं की अटखेलियों के साथ-साथ ग्रामीण परिवेश को अपने कैमरों में कैद कर अभिभूत हो रहे है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here