फिर चीन पर भारी पड़ा भारत, कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट खोलने को लेकर होगी बातचीत

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Source: m.punjabkesari.in

फिर चीन पर भारी पड़ा भारत, कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूट खोलने को लेकर होगी बातचीत

पेइचिंगः चीन ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए नाथू ला दर्रा खोलने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। चीन ने कहा है कि वो इस रास्ते को खोलने के लिए भारत के साथ संवाद स्थापित करने को तैयार है। बता दें, सिक्किम रूट को डोकलाम विवाद के बाद चीन ने बंद कर दिया था। ये रूट कैलाश मानसरोवर जाने के लिए उत्तराखंड के लिपुलेख से होकर गए रास्ते की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक बताया जाता है। खास बात ये कि डोकलाम विवाद का लिपुलेख के रास्ते पर कोई असर नहीं पड़ा था।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘चीन ने तीर्थयात्रियों को आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काफी प्रयास किए हैं। ये रास्ता डोकलाम में भारत की ‘घुसपैठ’ के बाद से बंद था।’ शुआंग ने कहा कि चीन भारत के साथ इस रास्ते को खोलने और तीर्थयात्रियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है।

चीन द्वारा समझौते के बावजूद ब्रह्मपुत्र को लेकर हाइड्रोलॉजिकल डाटा इस साल भारत के साथ शेयर न करने पर गेंग ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चीनी स्टेशन का अपग्रेडेशन और रिनोवेशन का काम चल रहा था, इसलिए इस साल ये डाटा नहीं शेयर किया जा सका।

गेंग ने कहा, ‘लंबे समय तक चीन ने भारतीय तीर्थयात्रियों को आवश्यक सुविधा पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच में हुए समझौते के मुताबिक और इस तथ्य के साथ कि भारत-चीन सीमा के पश्चिमी छोर को दोनों पक्ष सहमत हैं। चीन पहले भी भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए नाथुला दर्रा खोलता आया है।’

गेंग ने कहा कि जून में भारतीय जवानों ने गलत तरीके से सीमा पार कर ली थी, जिससे दोनों पक्षों के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बढ़ा है। इस वजह से दर्रे को बंद कर दिया गया था।

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