सोमनाथ मंदिर में बतौर गैर-हिंदू दर्ज हुआ राहुल का नाम? कांग्रेस बोली-वे जनेऊधारी

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Source: bhaskar.com

बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं।
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सोमनाथ मंदिर पहुंचे राहुल। मंदिर के रजिस्टर की यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
नई दिल्ली.कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिन के गुजरात दौरे की शुरुआत बुधवार को सोमनाथ मंदिर से की। दावा किया जा रहा है कि मंदिर में राहुल गांधी का नाम बतौर गैर-हिंदू दर्ज हुआ। अहमद पटेल भी राहुल के साथ थे। दोनों ने ही रजिस्टर पर दस्तखत नहीं किए। मामला बढ़ा तो कांग्रेस के स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा- राहुल जी ने विजिटर्स बुक में एंट्री की थी। राहुल जी सिर्फ एक हिंदू ही नहीं हैं, वो जनेऊधारी भी हैं। वहीं बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा- कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं। राहुल गांधी को बताना चाहिए कि वो आखिर हैं कौन? बता दें कि डेढ़ महीने में राहुल 21वीं बार मंदिर में दर्शन के लिए गए। बता दें कि गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग है। 18 दिसंबर को नतीजे आएंगे।

सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी का गैर-हिंदू के तौर पर नाम किसने दर्ज कराया ?

– मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मनोज त्यागी नाम के शख्स ने सोमनाथ मंदिर में अहमद पटेल के साथ राहुल का नाम भी उस रजिस्टर में लिख दिया जो गैर-हिंदुओं की मंदिर में एंट्री के लिए होता है। त्यागी कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर हैं। मंदिर के रजिस्टर की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

मंदिर ट्रस्ट ने क्या कहा?

– सोमनाथ ट्रस्ट के जनरल मैनेजर विजय सिंह चावड़ा ने हमारी सहयोगी वेबसाइट DivyaBhaskar.com से कहा, “बुधवार को राहुल गांधी ने गैर-हिंदू के तौर पर दर्शन किए थे। सोमनाथ ट्रस्ट ने मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश के लिए पिछले साल एक नियम बनाया था। राहुल गांधी ने अपने पारसी धर्म का उल्लेख करते हुए अपना नाम दर्ज कराया था। उनके साथ अहमद पटेल भी थे।’’

कांग्रेस ने विवाद पर क्या कहा?

– पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ”राहुल जी ने विजिटर्स बुक में एंट्री की थी। जिस सिग्नेचर की बात की जा रही है वो अलग है। ना तो वो सिग्नेचर राहुल गांधी के हैं, ना ही उन्हें वह रजिस्टर दिया गया था। राहुल जी सिर्फ एक हिंदू ही नहीं हैं, वो जनेऊधारी भी हैं। इसलिए बीजेपी को राजनीति के इतने निचले लेवल तक नहीं गिरना चाहिए।”

गैर हिंदुओं के लिए अलग नियम

– गैर-हिंदुओं के मंदिर में प्रवेश के लिए एक अलग दरवाजा है। इसे दिग्विजय द्वार कहा जाता है। यहां रखे रजिस्टर में गैर-हिंदुओं को दर्शन से पहले एंट्री करनी होती है। मजहब भी बताना होता है। इसके बाद चैकिंग होती है। तब मंदिर में एंट्री में मिलती है।

राहुल आखिर क्या हैं, जनता को बताएं: बीजेपी

– बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी को लेकर इतनी सीक्रेसी क्यों है? आज की तारीख में वो देश की सबसे अहम सियासी हस्तियों में से एक हैं। कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए धर्म सुविधा का विषय है, आस्था का नहीं। राहुल गांधी को इस पर जवाब देना चाहिए। वो (कांग्रेस) कहते हैं कि यह एक साजिश है लेकिन हम कहते हैं कि कांग्रेस ही साजिश है। आज उनकी साजिश उजागर हो गई है। आप अधर्मी हैं।”

– बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर अनिल जैन ने ट्वीट किया- आप अगर सोमनाथ मंदिर जाएं, और आप हिन्दू धर्म से नहीं हैं, तो आपको एक रजिस्टर में इस बात का खुलासा करना पड़ता है। आज राहुल गांधी ने उसी रजिस्टर में अपने नाम को जोड़ दिया। देश के साथ धर्म को लेकर ऐसा छलावा?

राहुल गांधी ने द्वारका में माथा टेककर की थी नवसर्जन यात्रा शुरूआत
– राहुल गांधी अब तक 21 मंदिरों में दर्शन के लिए जा चुके हैं। इससे पहले वह गुजरात के सभी प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा कर चुके हैं। नरेंद्र मोदी ने भुज में आशापुरा मां के दर्शन के साथ गुजरात में चुनावी रैलियों की शुरुआत की थी। वहीं, राहुल ने भी द्वारका में माथा टेककर नवसर्जन यात्रा शुरू की थी।

– राहुल इन मंदिरों में गए: द्वारकाधीश, कागवड में खोडलधाम, नाडियाड के संतराम मंदिर, पावागढ़ महाकाली, नवसारी में ऊनाई मां के मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, बहुचराजी के मंदिर, कबीर मंदिर, चोटिला देवी मंदिर, दासी जीवन मंदिर, राजकोट के जलाराम मंदिर, वलसाड के कृष्णा मंदिर, शंंकेश्वर जैन मंदिर, वीर मेघमाया, बादीनाथ मंदिर। इसके अलावा, वे कांग्रेस की नवसर्जन यात्रा के दौरान 5 और छोटे-बड़े मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे।

मोदी 2 महीने में 4 मंदिर गए

– 27 नवंबर: आशापूर्णा माता मंदिर, कच्छ

– 2 नवंबर: अक्षरधाम मंदिर, गांधीनगर

– 7 अक्टूबर: हटकेश्वर मंदिर, वडनगर

– 7 अक्टूबर: द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका

80 से 100 सीटों पर मंदिरों का असर

– विधानसभा की 80 से 100 सीटें ऐसी हैं, जिन पर मंदिरों का असर देखा जाता है। इसी के चलते इन मंदिरों में बड़े-बड़े नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। यही वजह कि पिछले 22 साल से सत्ता से दूर रही कांग्रेस ने अपनी कैम्पेन में इन मंदिरों को शामिल किया है।

गुजरात के 8 मंदिर, मोदी-राहुल के दो बड़े बयान

– गुजरात के इन 8 मंदिरों की राजनीति में काफी अहमियत है। पिछले डेढ़ महीनों में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने इन मंदिरों में माथा टेका।

– नरेंद्र मोदी बोले- “हमने अच्छे-अच्छों को मंदिर जाने की आदत डलवा दी।”

– राहुल ने कहा- “मैं शिवभक्त हूं और सत्य में विश्वास रखता हूं।”

मंदिर सीट 2012 2007 2002 1998
चोटिला चोटिला बीजेपी कांग्रेस अन्य अन्य
द्वारका द्वारका बीजेपी बीजेपी कांग्रेस कांग्रेस
सोमनाथ सोमनाथ कांग्रेस बीजेपी कांग्रेस कांग्रेस
डाकोर नडियाड बीजेपी कांग्रेस कांग्रेस कांग्रेस
अंबाजी दांता कांग्रेस कांग्रेस कांग्रेस कांग्रेस
पावागढ़ हालोल बीजेपी बीजेपी बीजेपी बीजेपी
पालिताणा पालिताणा कांग्रेस बीजेपी बीजेपी बीजेपी
गिरनार जूनागढ़ बीजेपी बीजेपी बीजेपी बीजेपी
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