रक्षा बंधन पर चंद्र ग्रहण, जानें क्या रहेगा राखी बांधने का समय, किन राशियों पर होगा असर

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Source: naidunia.jagran.com

रक्षा बंधन

रक्षाबंधन का शुभ पर्व सात अगस्त को है। उस दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी है, जिसे भारत में देखा जा सकेगा। ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता। ज्योतिषाचार्यों की राय है कि 7 अगस्त सुबह 11.05 बजे से दोपहर 1.28 बजे तक का समय रक्षा बंधन के लिए शुभ है।

इन बातों का जरूर रखें ख्याल

दिल्ली के ज्योतिषी पंडित जयगोविंद शास्त्री के अनुसार, चंद्र ग्रहण रात्रि 10.29 से मध्य रात्रि 12.22 तक यानी कुल 1 घंटा 53 मिनट तक रहेगा। सूतक काल दोपहर 1.29 से प्रारंभ होगा और भद्रा दोपहर 11.04 मिनट तक रहेगी।वहीं, और उज्जैन की ज्योतिषविद रश्मि शर्मा ने बताया कि भद्रा योग और सूतक में राखी नहीं बांधनी चाहिए। श्रावणी उपाकर्म यानी राखी बंधन दोपहर 11.05 से दोपहर 1.28 मिनट के बीच करना होगा।

ये चार राशि वाले रहें खासतौर पर सावधान

मकर राशि में चंद्र ग्रहण हो रहा है, लिहाजा मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। ज्योतिषविद रश्मि शर्मा ने बताया कि इन राशियों पर ऐसा रहेगा ग्रहण का असर…

मेष- इस राशि से दशम यानी मकर राशि में चंद्र ग्रहण होगा, यह साधारण फल देने वाला होगा। आय सामान्य बनी रहेगी और चिंताओं से मुक्ति मिलेगी। नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे, किंतु कार्य अधिक करना पड़ सकता है। विरोधियों को परास्त करने के लिए प्रयास करना होगा।

वृषभ- इस राशि से नवम राशि में चंद्र ग्रहण का असर रहेगा। न्यायलयीन एवं विवादित मामलों में अपना पक्ष रखने के समय प्राप्त होगा। जिम्मेदारी बढ़ेगी एवं परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में बदलाव हो सकता है।

मिथुन- अष्टम राशि में चंद्र का ग्रहण अशुभ फल का सूचक है। रोगों की वृद्धि हो सकती है। संतान से भी दुख प्राप्त होगा। नौकरी में भी चिंताजनक खबर मिल सकती है। यह समय शांत रहने का है। किसी से विवाद नही करें एवं परिवार वालों की सलाह पर ध्यान देना उचित होगा।

कर्क- सप्तम राशि मे चंद्र ग्रहण का सामान्य फल देने वाला होगा। विचारों की अधिकता रहेगी। नए कार्यों को करने का मौका मिलेगा एवं कार्यशैली में सुधार होगा। क्रेडिट मिलने में संदेह रहेगा। परिवार का सहयोग बना रहेगा। धन की कमी महसूस होगी।

सिंह- इस राशि के लिए यह चंद्र ग्रहण शुभ फलदायी होगा। धन का लाभ एवं छठी राशि मे चंद्र ग्रहण होने से रुके कार्यों में भी गति आएगी। विवादों में विजय प्राप्त होगी। शुभ समाचारों की वृद्धि होगी। बेरोजगारों को रोजगार की प्राप्ति होगी।

कन्या- इस राशि से पांचवीं राशि से ग्रहण लगेगा, जो सामान्य फल प्रदान करने वाला होगा। अशुभों को निराकरण होगा एवं अच्छे कार्यों में लगे रहेंगे। उदासी का अंत होगा। रिश्तेदारों से संबंधों में सुधार होगा एवं धन की आवक सामान्य रहेगा।

तुला- इस राशि चतर्थ राशि मे चंद्र ग्रहण होगा। यह समय संभलने का है। कोई भी कार्य ऐसा नही करें, जिससे चिंताएं बढ़ जाएं। धन की आवक कमजोर हो सकती है। निवेश से घाटा होने की आशंका है। विवादों से हानि हो सकती है। चोरी आदि से भी सावधान रहना होगा।

वृश्चिक- राशि से तीसरा चंद्र ग्रहण शुभ फल देने वाला होगा। शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। रुके कार्य संपन्न होंगे एवं रोगों में सुधार होगा। उधार दिए गए पैसों की वसूली होगी एवं संपत्ति से लाभ होगा एवं नए कार्यों का आरंभ होगा।

धनु- दूसरा राशि में चंद्र ग्रहण यह समय सामान्य लाभ देने वाला होगा। शुभ सूचनाएं मिलेगी, किंतु मन उदास रहेगा। मनचाही सफलताएं मिलने में संदेह रहेगा। आगे बढ़ने में सहायता करने वाले पीछे हटेंगे। रोगों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन कोई गंभीर समस्या नहीं होगी।

मकर- चंद्र का गोचर इसी राशि में ग्रहण योग निर्मित करेगा। अत्यंत सावधानी बरतने का समय है। हर कार्य को सावधानीपूर्वक करें एवं किसी से विवाद की स्थिति निर्मित होने पर पिछे हट जाएं, तो बेहतर होगा। वाहन आदि प्रयोग में सावधानी रखें एवं निवेश का जोखिम नही लें।

कुंभ- द्वादश राशि में चंद्र ग्रहण संभलकर रहने का संकेत करता है। आय में कमी होगी एवं चिंताओं में वृद्धि होगी। कार्य क्षमता कमजोर हो सकती है। रिश्तेदारों स विवाद एवं विरोधी प्रभावी हो सकते हैं। कार्यस्थल पर असम्मानीय स्थिति निर्मित हो सकती है।

मीन- एकादश राशि मे चंद्र ग्रहण शुभ फल देने वाला होगा। शुभ समाचार एवं आय की वृद्धि के संकेत हैं। संपत्ति से लाभ एवं रुके कार्यों के पूर्ण होने के संकेत हैं। रोगों में लाभ होगा एवं विरोधाी हताश होंगे। कार्य प्रणाली में सुधार होगा।

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