उत्तराखंड में बारिश का कहर: तीन की मौत, हेमकुंड साह‌िब और बदरीनाथ यात्रा थमी, 450 तीर्थयात्री फंसे

5

Source: amarujala.com

बारिश ने उत्तराखंड में फ‌िर से तांडव मचा द‌िया है। सोमवार को हुई बारिश के कारण अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। जबक‌ि यात्रा मार्ग पर मलबा आने से हेमकुंड साह‌िब, बदरीनाथ और गंगोत्री यात्रा भी थम गई। समाचार ल‌िखे जाने तक हाईवे बंद होने के कारण जोशीमठ, गोविंदघाट, लामबगड़ और बदरीनाथ में करीब 450 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।

सोमवार को बारिश के कारण राज्य में अलग-अलग घटनाओं में मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई और एक युवती नदी में बह गई। उत्तरकाशी जिले में सोनगाड़ के पास गंगोत्री हाईवे का करीब 16 मीटर हिस्सा भागीरथी में समा गया।चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे बाधित होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा थम गई। सैकड़ों यात्री बीच में ही फंस गए।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए देहरादून, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में प्रशासन ने मंगलवार को इंटरमीडिएट तक के सभी सरकारी-गैर सरकारी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी के रेल गांव में ट्राली से गिरकर एक 20 वर्षीय युवती मंदाकिनी के तेज बहाव में बह गई, जबकि जखोली क्षेत्र के तिमली-सेम में आठ वर्षीय मासूम गदेरे के तेज बहाव में बह गया। रेस्क्यू दल ने सोमवार देर शाम बच्चे का शव बरामद कर लिया। युवती का पता नहीं चल पाया है।

उधर कुमाऊं मंडल में भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भौर्या बैंड (खैरना) के पास सोमवार सुबह पहाड़ी दरकने से बाइक सवार जीजा-साले की बोल्डरों और पत्थरों के नीचे दबकर मौत हो गई। दोनों अल्मोड़ा से लौट रहे थे।

इस मार्ग पर करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सवा दो माह के भीतर यह दूसरा हादसा है। इससे पहले 22 मई को यहां से करीब एक किमी दूर लोहाली के पास जागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस पर बोल्डर गिरने से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।

उत्तरकाशी जिले में सोनगाड़ के पास गंगोत्री हाईवे का करीब 16 मीटर हिस्सा धंसकर भागीरथी नदी में समा गया। हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप होने से सौ से अधिक तीर्थयात्री बीच में फंस गए हैं। हालांकि प्रशासन ने इन्हें सुरक्षित स्थान पर ठहराने का दावा किया है।

चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और टैय्या पुल के पास अवरुद्ध होने से सोमवार को बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब की यात्रा भी बाधित हो गई। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब क्षेत्र में फंसे करीब 800 तीर्थयात्रियों को एसडीआरएफ और पुलिस की मदद से जोशीमठ पहुंचाया गया।

हाईवे बंद होने से जोशीमठ, गोविंदघाट, लामबगड़ और बदरीनाथ में करीब 450 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। 250 तीर्थयात्री लामबगड़ में तीन किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद फिर वाहन से बदरीनाथ धाम पहुंचे।

टिहरी जिले में 15 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि नौ मकानों को नुकसान हुआ है। कीर्तिनगर के मलेथा गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र के अंतर्गत कोल्सों गांव में दो मकान जमींदोज हो गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here